कोयंबटूर: तमिलनाडु बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने अपने वादे के अनुसार सार्वजनिक रूप से छह बार खुद को कोड़ा मारकर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। यह घटना कोयंबटूर में हुई और इसे अन्नामलाई ने राज्य में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) सरकार की कथित विफलताओं के खिलाफ “प्रायश्चित” की शुरुआत बताया।
अन्नामलाई ने हरे रंग का मुंडु पहनकर, जो तमिल संस्कृति में समृद्धि का प्रतीक है, एक लंबे सफेद कोड़े का इस्तेमाल करते हुए खुद को मारा। यह घटना बीजेपी समर्थकों और आम लोगों की भारी भीड़ के सामने हुई।
एक प्रतीकात्मक विरोध
मीडिया से बातचीत में अन्नामलाई ने अपने इस कदम के पीछे की वजह बताते हुए कहा,
“यह केवल विरोध नहीं है, यह जिम्मेदारी का अहसास है। एक नेता के रूप में हमें जनता की पीड़ा को महसूस करना चाहिए। यह प्रायश्चित डीएमके सरकार की विफलताओं और तमिलनाडु के लोगों की समस्याओं का प्रतीक है।”
उन्होंने अपने भाषण में डीएमके सरकार पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई और कानून व्यवस्था के खराब हालात को लेकर तीखे आरोप लगाए।
मिश्रित प्रतिक्रियाएँ
अन्नामलाई के इस विरोध प्रदर्शन पर राज्यभर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ आईं। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनके इस कदम की सराहना करते हुए इसे जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया। एक बीजेपी कार्यकर्ता ने कहा, “तमिलनाडु को ऐसे ही साहसी नेतृत्व की जरूरत है।”
दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने इसे एक नाटक और प्रचार का हथकंडा करार दिया। डीएमके के एक प्रवक्ता ने कहा, “यह केवल ध्यान भटकाने का प्रयास है। बीजेपी तमिलनाडु में अपनी असफलता को छुपाने के लिए इस तरह की नाटकबाजी कर रही है।”
सोशल मीडिया पर यह घटना चर्चा का विषय बन गई, जहां #AnnamalaiFlogging और #CoimbatoreProtest जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। कुछ ने इसे राजनीतिक साहस बताया, तो कई लोगों ने इसे सिर्फ प्रचार की रणनीति कहा।
सांस्कृतिक और राजनीतिक संदर्भ
हालांकि तमिलनाडु की राजनीति में इस प्रकार का आत्म-प्रायश्चित दुर्लभ है, लेकिन भारत के कुछ हिस्सों में इसे सांस्कृतिक रूप से प्रायश्चित और जिम्मेदारी के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। अन्नामलाई ने इस परंपरा का सहारा लेकर एक ऐसा प्रतीकात्मक संदेश दिया, जिसने जनता और राजनीतिक विरोधियों का ध्यान आकर्षित किया।
आगे की राह
अन्नामलाई ने घोषणा की है कि वह डीएमके सरकार के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा, “यह तो केवल शुरुआत है। हम हर स्तर पर भ्रष्टाचार और विफलताओं को उजागर करेंगे।”
यह देखना बाकी है कि अन्नामलाई का यह नाटकीय कदम तमिलनाडु में बीजेपी को राजनीतिक लाभ दिला पाएगा या नहीं। लेकिन इतना तय है कि उनके इस कदम ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है और उन्हें सुर्खियों में ला दिया है।






















