राज्यसभा में संविधान दिवस पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने समान नागरिक संहिता (UCC) को कभी लागू करने की मंशा नहीं दिखाई। शाह ने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के चलते कांग्रेस ने मुस्लिम पर्सनल लॉ को बढ़ावा दिया, लेकिन हिंदू कोड बिल के जरिए हिंदुओं पर कानून थोपे गए।
अमित शाह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी कई बार UCC की आवश्यकता पर जोर दे चुका है, लेकिन कांग्रेस इसे हमेशा टालती रही। शाह ने विश्वास दिलाया कि बीजेपी हर राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करेगी।
यूसीसी: क्या है मामला?
समान नागरिक संहिता (UCC) का अर्थ है देश के हर नागरिक के लिए एक समान कानून। इसके अंतर्गत विवाह, तलाक, संपत्ति और गोद लेने जैसे मामलों में सभी धर्मों के लिए एक जैसा कानून लागू होगा। शाह के इस बयान से एक बार फिर UCC पर बहस छिड़ गई है।
तुष्टिकरण पर हमला
शाह ने कहा, “कांग्रेस ने तुष्टिकरण की राजनीति के चलते देश के विकास को रोक दिया। अगर कांग्रेस चाहती तो UCC पहले ही लागू हो चुका होता।” उन्होंने जोर दिया कि देश की जनता अब समानता और एक कानून के पक्ष में खड़ी है।
बीजेपी का संकल्प
अमित शाह ने दोहराया कि भारतीय जनता पार्टी का लक्ष्य हर राज्य में UCC को लागू करना है। उन्होंने कहा कि देश में एक राष्ट्र, एक कानून का सपना पूरा किया जाएगा और इससे देश की एकता और अखंडता मजबूत होगी।
सियासी हलचल
अमित शाह के इस बयान के बाद संसद और देशभर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जहां बीजेपी UCC को न्याय और समानता का प्रतीक बता रही है, वहीं विपक्ष इसे एक विवादित मुद्दा करार दे रहा है।
क्या UCC को लागू करने की राह अब साफ हो रही है? बीजेपी ने अपना इरादा साफ कर दिया है, अब नजर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के रुख पर है।





















