यूपी का सोनभद्र जनपद ऐसे तो ऐतिहासिक और पौराणिक स्वरूप का पर्याय माना जाता है. इस जिले में कई देवी देवताओं के मंदिर है तो ऋषियों की तपोस्थली भी है. यह जिला ऐसे में कई दशक सदियों पुराना किला है. अगोरी दुर्ग सोनभद्र जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज से लगभग 35 किलोमीटर दूर मौजूद है. इस किला परिसर के मुख्य द्वार पर ही मौजूद देवी दुर्गा का धाम है.
यहां आज भी भक्तों की मुरादे मां पूरी करती हैं. यहां दूर दराज से भक्त मां का दर्शन करने के लिए यूपी समेत अन्य राज्यों से भी आते हैं. यह मंदिर किले के समय का ही निर्मित बताया जाता है. राजा ने किले के साथ ही इस मंदिर की स्थापना कराई थी. देवी दुर्गा राज परिवार की कुल देवी भी कहीं जाती हैं. भले ही बदलते समय के साथ यह किला अब अपने अस्तित्व खोने के कगार पर पहुंच गया है. इस मंदिर का स्वरूप और यहां आने वाले भक्तों की आस्था है. यही वजह है कि आज भी लोग अपने सपने को पूरा करने के लिए माता दुर्गा का
मंदिर विक्रम संवत् 1600 का
मां सबकी मनोरथ भी पूरी करती हैं. आज भी उसी समय से इस मंदिर के प्रधान पुजारी खरवार ही रहते हैं. वे लगभग दसवीं पीढ़ी के पुजारी मुराहू खरवार लोकल 18 से खास बात चीत में कहते हैं कि यह मंदिर विक्रम संवत् 1600 का है. इस मंदिर की स्थापना राजा ने किला बनवाने से भी पूर्व में की है. यहां माता के आशीर्वाद से आज भी इस राज परिवार के लोग राजपुर में रहते हैं. माता की कृपा हमेशा उस राज परिवार पर रही है.






















