संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जनपद में 46 साल पुराना एक प्राचीन मंदिर खोज में सामने आया है। यह मंदिर शंकर भगवान को समर्पित है, और इसमें भगवान शिव की अद्भुत प्रतिमा के साथ-साथ हनुमान जी की प्रतिमा भी स्थापित है। इस ऐतिहासिक खोज ने पूरे क्षेत्र में उत्सुकता और आस्था का माहौल बना दिया है।
आस्था का केंद्र बना पुराना मंदिर
संभल में यह मंदिर अचानक चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। कई श्रद्धालु इस मंदिर को देखने और पूजा-अर्चना के लिए यहां पहुंच रहे हैं।
प्राचीन स्थापत्य कला का उदाहरण
मंदिर की बनावट और पत्थरों पर उकेरे गए शिल्प इसे प्राचीन भारतीय स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण बनाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मंदिर लगभग 46 साल पुराना है और इसे बेहद सावधानी से संरक्षित किया गया था।
हनुमान जी की प्रतिमा भी स्थापित
मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग के साथ-साथ हनुमान जी की भव्य प्रतिमा भी स्थापित है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह स्थान दिव्य ऊर्जा से भरा हुआ है और यहां पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
स्थानीय प्रशासन की भूमिका
मंदिर के अचानक चर्चा में आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने इस पर ध्यान दिया है। अधिकारियों ने मंदिर की सुरक्षा और संरक्षण के लिए जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
इस खबर के बाद आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह मंदिर धार्मिक आस्था का केंद्र बन सकता है और इससे क्षेत्र का महत्व बढ़ेगा।
विशेष पूजा-अर्चना की तैयारी
मंदिर में विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। स्थानीय पुजारियों का कहना है कि यह मंदिर भविष्य में एक बड़ा तीर्थ स्थल बन सकता है।
(डेस्क रिपोर्ट, देशपक्ष)






















