मुंबई। भारतीय सिनेमा में अब ऐसी फिल्मों का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है, जो सनातन धर्म और भारतीय परंपराओं का सम्मान करती हैं। दर्शकों के बीच इन फिल्मों को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। आंकड़ों की मानें, तो पिछले कुछ वर्षों में सनातन संस्कृति पर आधारित या इसे सम्मान देने वाली फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर अन्य फिल्मों के मुकाबले ज्यादा मुनाफा कमाया है।
फिल्में जो बदल रहीं हैं ट्रेंड
सनातन धर्म और भारतीय परंपराओं को दर्शाने वाली फिल्मों ने न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ी है। इनमें भव्य कथाएं, पौराणिक कथानक, और भारतीय मूल्यों को प्रमुखता दी जाती है।
प्रमुख उदाहरण
- ‘द कश्मीर फाइल्स’
यह फिल्म सनातन धर्म और कश्मीर के हिंदू इतिहास से जुड़े मुद्दों को दर्शाती है। 25 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने ₹340 करोड़ से अधिक का कारोबार किया, जो दर्शकों की गहरी भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। - ‘कांतारा’
कर्नाटक की लोककथाओं और सनातन परंपराओं को दर्शाने वाली इस फिल्म ने क्षेत्रीय सीमाओं को पार करते हुए ₹400 करोड़ से अधिक की कमाई की। - ‘आदिपुरुष’
हालांकि इस फिल्म ने कुछ विवाद भी झेले, लेकिन रामायण से प्रेरित इसकी कहानी ने दर्शकों का ध्यान खींचा और इसे व्यापक दर्शक वर्ग मिला। - ‘पुष्पा 2’ (अपकमिंग)
‘पुष्पा 2’ में न केवल दमदार कहानी और एक्शन है, बल्कि सनातन मूल्यों और भारतीय संस्कृति का भी प्रभाव दिखने की संभावना है। इसके टीजर और प्रमोशनल कंटेंट ने दर्शकों में जबरदस्त उत्सुकता पैदा कर दी है। - ‘टाण्हाजी’
छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति ताण्हाजी मालुसरे पर आधारित यह फिल्म भारतीय इतिहास और परंपरा को भव्य रूप में दिखाने के लिए सराही गई थी। फिल्म ने ₹365 करोड़ का कारोबार किया। - ‘RRR’
इस फिल्म ने भारतीय पौराणिक और ऐतिहासिक प्रतीकों का उपयोग कर वैश्विक स्तर पर सनातन संस्कृति की शक्ति का प्रदर्शन किया। - ‘बाहुबली’ (सीरीज)
‘बाहुबली’ ने भारतीय पौराणिकता, किलों, युद्ध, और राजा-प्रजा के संबंधों को शानदार तरीके से पेश किया। यह भारत में सनातन मूल्यों को गहराई से दर्शाने का बड़ा उदाहरण बनी।
दर्शकों की बदलती प्राथमिकता
दर्शकों में अब पाश्चात्य प्रभाव वाली कहानियों की तुलना में अपनी संस्कृति और सनातन मूल्यों पर आधारित फिल्मों के प्रति रुचि बढ़ रही है। युवा पीढ़ी भी इन फिल्मों से जुड़ाव महसूस कर रही है, क्योंकि ये फिल्में उन्हें अपनी जड़ों की याद दिलाती हैं।
क्या कहते हैं आंकड़े?
- सफलता दर: सनातन धर्म को केंद्र में रखकर बनी फिल्मों की औसत सफलता दर 70% तक पहुंच गई है, जो अन्य मुख्यधारा की फिल्मों से अधिक है।
- ROI (रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट): ऐसी फिल्मों पर हुआ निवेश अन्य फिल्मों की तुलना में लगभग 30-40% अधिक रिटर्न दे रहा है।
- ऑडियंस एंगेजमेंट: सोशल मीडिया पर इन फिल्मों को लेकर चर्चा और सकारात्मक समीक्षाएं बढ़ रही हैं।
फिल्म निर्माताओं के लिए सबक
फिल्म समीक्षक और ट्रेड एनालिस्ट मानते हैं कि यह ट्रेंड बताता है कि दर्शक अब मनोरंजन के साथ-साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी कहानियां देखना चाहते हैं।
निर्माताओं की रणनीति
- पौराणिक कथाओं का उपयोग
रामायण, महाभारत, और अन्य धार्मिक ग्रंथों पर आधारित कहानियों को आधुनिक तरीके से पेश करना। - स्थानीय संस्कृति का चित्रण
जैसे, ‘कांतारा’ ने कर्नाटक की लोककथाओं को उजागर किया।
वैश्विक स्तर पर पहचान
सनातन धर्म पर आधारित फिल्मों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पुरस्कार और प्रशंसा अर्जित की है। इन फिल्मों का प्रदर्शन विदेशों में बसे भारतीय समुदाय के बीच भी प्रभावी रहा है, जिससे वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर इनकी कमाई बढ़ रही है।
भविष्य का सिनेमा
फिल्म उद्योग अब यह समझ चुका है कि भारतीय दर्शकों का दिल जीतने के लिए सनातन संस्कृति, परंपरा, और धर्म को सम्मान देना जरूरी है। इस बदलाव से न केवल दर्शकों का मनोरंजन हो रहा है, बल्कि यह भारतीय सिनेमा को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी कार्य कर रहा है।
“सफलता का नया मंत्र: अपनी संस्कृति और धर्म को समझना और उनका सम्मान करना।”
(डेस्क रिपोर्ट, देशपक्ष)





















