एक देश, एक चुनाव के लिए संसद में मंगलवार को पेश हुए 129 वें संविधान (संशोधन) बिल की समीक्षा के लिए बनने वाली जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) में शामिल दोनों सदनों के सांसदों की जानकारी सामने आ गई है। लोकसभा से 21 और राज्यसभा से 10 सांसदों को इस JPC के लिए चुना गया है।
कांग्रेस की तरफ से प्रियंका गांधी वाड्रा, मनीष तिवारी और सुखदेव भगत सिंह को शामिल किया गया है। भाजपा की तरफ से बांसुरी स्वराज, संबित पात्रा और अनुराग सिंह ठाकुर समेत 10 सांसद हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) से कल्याण बनर्जी का नाम है। इसके अलावा सपा, DMK, TDP समेत 8 अन्य पार्टियों से एक-एक सांसद इस JPC का सदस्य बनाया गया है।
इस समिति को अगले सत्र के आखिरी हफ्ते के पहले दिन तक अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी। फिलहाल सिर्फ लोकसभा से JPC में शामिल किए गए सांसदों के नामों का ऐलान किया गया है। राज्यसभा की तरफ से इस JPC के लिए 10 सांसदों के नामों की घोषणा जल्द की जाएगी।
वोटिंग के बाद एक देश-एक चुनाव के लिए बिल दोबारा पेश हुआ
कानून मंत्री मेघवाल ने 17 दिसंबर को लोकसभा में एक देश-एक चुनाव को लेकर संविधान संशोधन बिल रखा था। विपक्षी सांसदों ने इसका विरोध किया। इसके बाद बिल पेश करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग कराई गई। कुछ सांसदों की आपत्ति के बाद वोट संशोधित करने के लिए पर्ची से दोबारा मतदान हुआ।
इस वोटिंग में बिल पेश करने के पक्ष में 269 और विपक्ष में 198 वोट पड़े। इसके बाद कानून मंत्री ने बिल दोबारा सदन में रखा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा बिल पेश होते समय लोकसभा में अनुपस्थित रहे 20 सांसदों को नोटिस भेजेगी। पार्टी ने सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया था।
बिल पेश किए जाने पर विपक्ष के विरोध को देखते हुए अमित शाह ने सदन में कहा कि बिल जब कैबिनेट में आया था, तब प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजना चाहिए। कानून मंत्री ऐसा प्रस्ताव कर सकते हैं।






















