दिल्ली में शनिवार को घने कोहरे की वजह से विजिबिलिटी नौ घंटे तक शून्य पर बनी रही, जो इस सीजन का सबसे लंबा दौर साबित हुआ। इस दौरान इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 19 उड़ानों का रूट डायवर्ट किया गया, जबकि कई उड़ानें रद्द हुईं और 400 से अधिक उड़ानों में देरी दर्ज की गई।

डायवर्ट की गई 19 उड़ानों में से 13 घरेलू, चार अंतरराष्ट्रीय और दो गैर-निर्धारित उड़ानें शामिल थीं। खराब मौसम के कारण दिल्ली और अन्य स्थानों के गंतव्य हवाई अड्डों पर 45 से अधिक उड़ानों को रद्द करना पड़ा।
शुक्रवार को भी दिल्ली में कोहरे का असर देखा गया था, जब 400 से अधिक उड़ानें देरी से रवाना हुई थीं। शनिवार को, पालम में शाम 6 बजे से रात 3 बजे तक नौ घंटे तक शून्य विजिबिलिटी रही, जो इस सीजन का सबसे लंबा दौर साबित हुआ। सफदरजंग वेधशाला ने भी आठ घंटे तक शून्य विजिबिलिटी दर्ज की।
रेलवे सेवाओं पर भी असर
कोहरे के कारण रेलवे सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुईं। उत्तर रेलवे के अनुसार, कुल 59 ट्रेनें छह घंटे तक की देरी से चल रही थीं, जबकि 22 ट्रेनें आठ घंटे तक विलंबित रहीं। यात्री स्टेशनों पर घंटों इंतजार करने को मजबूर हुए।
मौसम का हाल
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि दिल्ली का अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय घने कोहरे की संभावना जताई गई है, जबकि दिन के समय हल्की धुंध और मध्यम कोहरा रहने की संभावना है। दोपहर में हवा की गति 8-10 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ सकती है, लेकिन शाम और रात में यह 6 किलोमीटर प्रति घंटा से कम हो जाएगी।
रविवार को दिल्ली का अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 18 और 10 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
वायु गुणवत्ता पर प्रभाव
कोहरे और स्मॉग के चलते दिल्ली की वायु गुणवत्ता “बहुत खराब” श्रेणी में रही। शनिवार को 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 378 दर्ज किया गया। खराब वायु गुणवत्ता के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
आम जनजीवन पर असर
कोहरे और धुंध ने राजधानी में जनजीवन को प्रभावित किया। वाहन चालकों को अपनी गाड़ियों की रफ्तार धीमी करनी पड़ी, जबकि उड़ानों और ट्रेनों की देरी ने यात्रियों को भारी असुविधा में डाला। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपडेट्स लेते रहें और आवश्यक सावधानियां बरतें।
दिल्ली में घने कोहरे और शीतलहर के इस दौर ने एक बार फिर से शहर के परिवहन और सामान्य जीवन पर गंभीर प्रभाव डाला है। यात्रियों को धैर्य और सतर्कता के साथ इस स्थिति का सामना करने की जरूरत है।





















