दिल्ली

Delhi Election 2025: घोटालों, विकास और राजनीतिक ध्रुवीकरण के बीच किसकी होगी जीत?

Delhi Election 2025 : दिल्ली की सियासी जमीन एक बार फिर गर्म हो गई है। 7 जनवरी 2025 को चुनाव आयोग ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के अनुसार, राजधानी की सभी 70 विधानसभा सीटों पर 5 फरवरी को मतदान होगा और नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे।

Delhi Election 2025

पहले तीन कार्यकालों में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन
दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने पहले तीन कार्यकाल में जनता के बीच एक ईमानदार और जनहितैषी छवि बनाई। शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली-पानी के क्षेत्र में किए गए कामों ने पार्टी को अभूतपूर्व सफलता दिलाई। लेकिन इस बार पार्टी के लिए चुनौतियां कहीं ज्यादा बड़ी हैं।

घोटालों और आरोपों से घिरी AAP
इस चुनाव से पहले AAP को शराब घोटाला और मुख्यमंत्री आवास के रेनोवेशन से जुड़े आरोपों का सामना करना पड़ा है। विपक्ष ने इन मुद्दों को जोर-शोर से उठाया है, जिससे पार्टी की छवि को बड़ा झटका लगा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर ईमानदारी की छवि से भटकने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

भाजपा का आक्रामक रुख
इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दिल्ली में अपना अभियान आक्रामक तरीके से शुरू किया है। पार्टी ने भ्रष्टाचार और शासन की विफलता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की रैलियां चुनाव प्रचार में मुख्य आकर्षण रहेंगी।

कांग्रेस की नई रणनीति
दिल्ली में कांग्रेस पिछले कई वर्षों से संघर्ष कर रही है, लेकिन इस बार पार्टी नए चेहरों और युवाओं को टिकट देकर मैदान में उतरी है। पार्टी ने मतदाताओं को लुभाने के लिए पुरानी दिल्ली के पुनर्विकास, महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी है।

चुनाव का मुख्य एजेंडा
इस चुनाव में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे पुराने मुद्दों के साथ-साथ नए विषय भी चर्चा में हैं।

  • भ्रष्टाचार: शराब घोटाला और अन्य आरोपों ने सियासी माहौल गरमा दिया है।
  • महंगाई और रोजगार: विपक्ष इसे लेकर लगातार सरकार को घेर रहा है।
  • ध्रुवीकरण: विभिन्न धार्मिक और जातिगत मुद्दों पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।

क्या कहते हैं समीकरण?
दिल्ली का चुनावी इतिहास बताता है कि यहां स्थानीय मुद्दे और चेहरे सबसे ज्यादा प्रभाव डालते हैं। जहां AAP के पास अब भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का चेहरा और उनके कामकाज का रिकॉर्ड है, वहीं BJP केंद्र सरकार की उपलब्धियों और कांग्रेस अपने पुराने वोट बैंक को मजबूत करने में जुटी है।

जनता की नजरें इस पर टिकीं
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 न केवल राजनीतिक दलों की रणनीतियों का परीक्षण करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि जनता विकास और सुविधाओं को तरजीह देती है या घोटालों और आरोपों को।

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