मेहरौली विधानसभा चुनाव अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है, और मतदाताओं का रुझान अब साफ़ होता दिख रहा है। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार महेंद्र चौधरी इस चुनाव में मज़बूती से आगे बढ़ रहे हैं। स्थानीय निवासी होने के कारण महेंद्र चौधरी का क्षेत्र में गहरा जनसंपर्क है, और उन्होंने वर्षों से सामाजिक कार्यों के ज़रिए एक मजबूत आधार तैयार किया है। हालांकि, आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ हल्की एंटी-इनकंबेंसी ज़रूर दिख रही है, लेकिन चौधरी की व्यक्तिगत छवि और उनके द्वारा किए गए कार्य इस विरोध को काफ़ी हद तक संतुलित कर रहे हैं।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार गजेंद्र यादव को उनकी विवादित छवि के चलते जनता का समर्थन पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है। बीजेपी के परंपरागत वोटर्स ज़रूर उनके साथ हैं, लेकिन पार्टी के अंदर ही उनके टिकट को लेकर असंतोष फैला हुआ है। कई बीजेपी कार्यकर्ता खुलकर उनके खिलाफ़ नाराज़गी ज़ाहिर कर चुके हैं, जिससे पार्टी का कोर वोट बैंक भी बिखरता दिख रहा है।
बाबा बालकनाथ, जो बीजेपी से टिकट न मिलने के कारण निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं, शुरुआत में जाट मतदाताओं को आकर्षित करने में सफल होते दिखे। लेकिन जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ा, यह स्पष्ट हुआ कि उनकी पकड़ सिर्फ़ कुछ जाट वोटों और भक्त समुदाय तक ही सीमित रह गई। धार्मिक छवि के बावजूद, बड़े स्तर पर उन्हें समर्थन नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी चुनौती कमजोर पड़ती नज़र आ रही है।
कांग्रेस उम्मीदवार पुष्पा सिंह पूरी ताकत से प्रचार में जुटी हुई हैं और अपने दिवंगत पति सतबीर सिंह की छवि के सहारे सहानुभूति जुटाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, ज़मीनी हकीकत यही है कि कांग्रेस को इस चुनाव में वोटकटवा पार्टी के रूप में देखा जा रहा है, जिससे मतदाता उन्हें एक गंभीर दावेदार मानने को तैयार नहीं दिख रहे हैं।
ज़मीनी सर्वेक्षण और मतदाताओं की राय के आधार पर यह स्पष्ट हो रहा है कि महेंद्र चौधरी लगातार आगे बने हुए हैं और भारी अंतर से जीत की ओर बढ़ रहे हैं। स्थानीय लोगों में चौधरी के प्रति विश्वास बना हुआ है, और उनकी स्वच्छ छवि तथा क्षेत्र में उनकी सक्रियता उन्हें अन्य सभी प्रत्याशियों से आगे रख रही है। चुनावी समीकरणों को देखते हुए, मेहरौली में महेंद्र चौधरी की 25,000 से अधिक वोटों की बढ़त के साथ ऐतिहासिक जीत तय मानी जा रही है। दिल्ली विधानसभा में अलग अलग सीटों कि रिप्लार्ट्स को जानने के लिए जुड़े रहिये देश पक्ष से.

















