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भारत रत्न से लेकर स्मारकों तक… पलटवार करते हुए अमित शाह ने खोद डाला कांग्रेस का इतिहास

Amit Shah News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि वह सपने में भी संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर के अपमान नहीं कर सकते. कांग्रेस के आरोपों के जवाब में शाह खुद दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने चले आए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राज्यसभा में आंबेडकर पर दिए गए उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया. शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उनका इस्तीफा मांगने पर भी कटाक्ष किया. शाह ने कहा, ‘कांग्रेस ने सावरकर जी का भी अपमान किया, कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर संविधान के सारे मूल्यों की धज्जियां उड़ा दी, नारी सम्मान को भी वर्षों तक दरकिनार किया, न्यायपालिका का हमेशा अपमान किया, सेना के शहीदों का अपमान किया और भारत की भूमि तक को संविधान तोड़कर दूसरे देशों को देने की हिमाकत कांग्रेस के शासन में हुई.’ पढ़‍िए, अमित शाह की प्रेस कॉन्फ्रेंस के 5 बड़े अपडेट.

शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होते ही बयान पर मचे विवाद को लेकर अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा, ‘जब लोकसभा और राज्यसभा में पक्ष-विपक्ष होते हैं, तो हर मुद्दे पर लोगों का, दलों का और वक्ताओं का नजरिया अलग-अलग होता है. मगर संसद जैसे देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक फोरम में जब चर्चा होती है, तब इसमें एक बात कॉमन होती है कि बात तथ्य और सत्य के आधार पर होनी चाहिए. कल से कांग्रेस ने जिस तरह से तथ्यों को तोड़-मरोड़कर रखने का प्रयास किया है, ये अत्यंत निंदनीय है और मैं इसकी निंदा करना चाहता हूं. ये इसलिए हुआ क्योंकि भाजपा के वक्ताओं ने संविधान पर, संविधान की रचना के मूल्यों पर और जब-जब कांग्रेस या भाजपा का शासन रहा, तब शासन ने संविधान के मूल्यों का किस तरह से मूल्यांकन, संरक्षण और संवर्धन किया, इस पर तथ्यों और अनेक उदाहरण के साथ भाजपा के वक्ताओं ने विषय रखे.’

शाह ने कहा, ‘…जब संसद में चर्चा चल रही थी, तो यह साबित हो गया कि कांग्रेस ने किस तरह बाबा साहेब आंबेडकर का विरोध किया. किस तरह कांग्रेस ने बाबा साहेब की मृत्यु के बाद भी उनका मजाक उड़ाने की कोशिश की… जहां तक भारत रत्न देने की बात है, कांग्रेस के नेताओं ने कई बार खुद को भारत रत्न दिया है. नेहरू जी ने 1955 में खुद को भारत रत्न दिया, इंदिरा गांधी ने 1971 में खुद को भारत रत्न दिया और बाबा साहेब को 1990 में भारत रत्न मिला, जब कांग्रेस पार्टी सत्ता में नहीं थी और भारतीय जनता पार्टी द्वारा समर्थित सरकार थी… आंबेडकर के प्रति नेहरू की नफरत जगजाहिर है…’

अमित शाह ने कहा, ‘…एक सर्वदलीय मंत्रिमंडल पहली देश की कैबिनेट बनी जिसमें बाबा साहेब आंबेडकर भी सदस्य थे, नेहरू जी प्रधानमंत्री थे. नेहरू जी की किताब ‘सेलेक्टेड वर्क्स ऑफ जवाहरलाल नेहरू’ में एक और उल्लेख आता है. नेहरू जी के आश्वासन के बावजूद भीम राव आंबेडकर को कोई महत्वपूर्ण विभाग नहीं दिया गया… एक ओर कांग्रेस पार्टी है. जब तक कांग्रेस सत्ता में रही बाबा साहेब आंबेडकर का कोई स्मारक नहीं बना. जहां-जहां विपक्ष की सरकारें आती गईं, स्मारक बनते गए. भाजपा की सरकारों ने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने बाबा साहेब के जीवन से संबंधित पंचतीर्थ का विकास किया, मध्य प्रदेश में महू, लंदन में डॉ॰ भीमराव रामजी आंबेडकर स्मारक, नागपुर में दीक्षाभूमि, दिल्ली में राष्ट्रीय स्मारक और महाराष्ट्र के मुंबई में चैत्रभूमि का विकास करने का काम भाजपा की सरकारों ने किया. 19 नवंबर 2015 को पीएम मोदी ने आंबेडकर जी के सम्मान में 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में घोषित किया…’

उन्होंने कहा, ‘…जिन्होंने जीवन भर बाबा साहेब का अपमान किया, जिन्होंने जीवन भर बाबा साहेब के सिद्धांतों को दरकिनार किया, जिन्होंने जब तक सत्ता में रहे बाबा साहेब को भारत रत्न मिलने नहीं दिया, जब तक सत्ता पर रहे आरक्षण के सिद्धांतों की धज्जियां उड़ाईं वो लोग आज बाबा साहेब आंबेडकर के नाम पर भ्रांतियां फैलाना चाहते हैं.’

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